जमीन की रजिस्ट्री के नियम 2023 (2 मिनट में जाने रजिस्ट्री कैसे होती है)

By | January 1, 2023
Janeen Registry ke niyam

जमीन की रजिस्ट्री के नियम:- खेत जमीन भूखंड प्लॉट मकान घर खरीदने पर खरीदार को कानूनी तौर पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए राजस्व विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इसी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को रजिस्ट्री कहा जाता है। आमतौर पर रजिस्ट्री के नियम एक समान होते हैं। परंतु कुछ नियमों में राज्य सरकार केंद्र सरकार के आदेशानुसार बदलाव किए जा सकते हैं। इस लेख में हम जानेंगे रजिस्ट्री के नियम 2023 क्या हैं। जमीन की रजिस्ट्री कैसे होती है तथा किन बातों का ध्यान रखना होता है Zameen Ki Registry के दौरान किसी प्रकार की खामी नहीं रहे इसलिए रजिस्ट्री नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। खेत जमीन प्लॉट भूखंड घर की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन/ऑफलाइन की जा सकती है। ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

चलिए जानते हैं जमीन की रजिस्ट्री के नियम क्या है? किन नियमों का रजिस्ट्री के दौरान ध्यान रखना अति आवश्यक है? रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज?  इत्यादि की जानकारी लेख में विस्तारपूर्वक जानने वाले हैं। 

रजिस्ट्री के दौरान ध्यान रखने वाले नियम | Registry ke Niyam

आमतौर पर रजिस्ट्री के दौरान कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए। प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले उसके संबंध में कानूनी प्रक्रिया एवं कानूनी अड़चन की विधिवत जांच कर लेनी चाहिए। इसी के साथ कुछ नियम और फॉलो कर सकते हैं जैसे:-

  • 1. जिस जमीन को आप खरीदने वाले हैं। उस जमीन के मालिक की पूरी जांच पड़ताल करें। तथा जमीन कितनी जगह पर क्रय-विक्रय हो चुकी है। इसकी भलीभांति जांच अवश्य करें।
  • 2. जो व्यक्ति जमीन बेच रहा है। उसके संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करें और जमीन संबंधित दस्तावेज उक्त व्यक्ति के नाम है या नहीं। पावर ऑफ अटॉर्नी दस्तावेज उस व्यक्ति के नाम है या अन्य किसी व्यक्ति के नाम इसकी जांच गंभीरता से करें।
  • 3. यदि कृषि उद्देश्य से जमीन खरीदी जा रही है। तो उस राज्य के ऑफिशल पोर्टल पर जिला तहसील गांव सर्च करके खसरा नंबर या सर्वे नंबर से जमीन की जमाबंदी खसरा खतौनी ऑनलाइन जरूर चेक करें।

जमीन की रजिस्ट्री के नियम 2023

  • 4. ऐसी जमीन जो पहले खेती के उपयोग में ली जाती थी और अब उस पर प्लॉट काटे जा रहे हैं। तो क्या वह जमीन सरकार की तरफ से रेजिडेंशियल एप्रूव्ड है या नहीं इसकी जानकारी जरूर करें।
  • 5. किसी इंडस्ट्री एरिया में रेजिडेंशियल या प्लॉट बनाने हेतु जमीन खरीदने से पहले वहां की आबादी परमिशन को जरूर चेक करें। सरकार द्वारा उस स्थान पर रहने की अनुमति है या नहीं इसे जरूर देखें।
  • 6. जमीन का मोल भाव करने से पहले जमीन का नक्शा जिस स्थान पर दिखाया गया है। उस स्थान पर है या नहीं इसकी पुष्टि अवश्य करें। नक्शा नगर निगम, नगर पालिका, भू राजस्व विभाग द्वारा प्रमाणित है या नहीं इसे जरूर देखें।
  • 7. जमीन खरीदते समय या प्लॉट में निवेश करने से पहले बेचान करने वाले व्यक्ति की पूरी जांच करें। किसी प्रॉपर्टी डीलर के कहने पर बिना जांच किए जमीन खरीदने में निवेश ना करें।

Registry Kaise Hoti Hai 2023

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जमीन की रजिस्ट्री कैसे करवाएं | जमीन की रजिस्ट्री के नियम 2023

आमतौर पर भू राजस्व विभाग द्वारा जमीन की रजिस्ट्री के नियम समान रखे जाते हैं। परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में जमीन की रजिस्ट्री कराने बाबत विशेष प्रावधान किए जाते हैं। और नियमों में कुछ बदलाव किया जाता है। 2023 में किए गए बदलाव इस प्रकार हैं:-

  • 1. जमीन की रजिस्ट्री के लिए प्रमाणित नक्शा होना आवश्यक है। बिना प्रमाणित नक्शे के रजिस्ट्री नहीं होगी।
  • 2. जमीन बेचने वाले व्यक्ति की रजिस्ट्री के दौरान हाथों की सभी अंगुलियों के निशान लगाने होते हैं।
  • 3. जो व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी प्लॉट खेत या कृषि भूमि बेच रहा है। उस व्यक्ति के जमा होने वाले दस्तावेज में पूरा नाम, पिता का नाम, उम्र पता सही से मेंशन होना चाहिए। 
  • 4. यदि पावर ऑफ़ अटॉर्नी दस्तावेज उक्त व्यक्ति के पास हैं तो इस दस्तावेज के साथ आवासीय प्रमाण पत्र को साथ में लगाना भी अनिवार्य है।
  • 5. जमीन खरीदने के नियम राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जा सकते हैं। राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को क्रय विक्रय दोनों पार्टियों को मानना अनिवार्य है।

जमीन रजिस्ट्री में लगने वाले अनिवार्य दस्तावेज | Land Registry Mandatory Documents

जमीन रजिस्ट्री के दौरान कई चरणों से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले क्रय-विक्रय करने वाली दोनों पार्टियों को अपने मूल दस्तावेज के साथ रजिस्ट्रार से मिलना होता है। अधिकृत वकील से जमीन की रजिस्ट्री के पेपर तैयार करवाने होते हैं। अनिवार्य दस्तावेज के रूप में दोनों पार्टी के पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, फोटो पहचान पत्र, तथा पासवर्ड साइज फोटो की आवश्यकता होगी।

  • राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित स्टांप तैयार करवाना होता है।
  •  स्टांप में दोनों क्रय-विक्रय पार्टी का एग्रीमेंट लिखा जाता है।
  • स्टांप पर लिखे गए एग्रीमेंट में जमीन की बेचान स्थिति को दर्शाया जाता है। 

आमतौर पर जमीन की रजिस्ट्री के लिए निम्न दस्तावेज प्रयुक्त किए जाते हैं।

  • पहचान प्रमाण पत्र | Identity Certificate
  • जमीन खाता प्रमाण पत्र | Land Account Certificate
  • नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) | By Bank
  • जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी | General Power of Attorney
  • जमीन के पेपर (एलॉटमेंट लेटर) | Land Papers (Allotment Letter / Agreement)
  • प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी लेटेस्ट रसीदें
  • बैनामा | debenture
  • बैंक चेक या फिर पैसे के लेनदेन का विवरण | Bank Cheque

NOTE:- दिए गए दस्तावेज विवरण में कोई दस्तावेज रह सकता है। इसलिए दस्तावेज की पूर्ण पुष्टि के लिए पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारी से जरूर संपर्क करें और उनके द्वारा सुझाए गए दस्तावेज प्रस्तुत करें।

जमीन, खेत, प्लॉट, मकान, घर की रजिस्ट्री कैसे होती है | How is the registry of land, farm, plot, house

रजिस्ट्री प्रक्रिया को ध्यान पूर्वक समझें और दिए गए सुझावों को सही से फॉलो करें। लेख में ऊपर दिए गए दस्तावेज एवं आवश्यक नियम को मध्य नजर रखते हुए अब हम रजिस्ट्री की प्रक्रिया की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रक्रिया में पहला चरण दस्तावेज तैयार करवाना होता है। 

रजिस्ट्री हेतु दस्तावेज तैयार करवाएं

जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों आवेदकों के पास व्यक्तिगत दस्तावेज और प्रॉपर्टी के दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए। यह दस्तावेज प्रस्तुत करें:-

  • पहचान पत्र:- के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट का उपगोय कर सकते हैं।
  • NOC – नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट:- रजिस्ट्री के दौरान बैंक से एनओसी सर्टिफिकेट लेना बहुत आवश्यक है। किसी भी प्रकार का कर्जा या ऋण होने की स्थिति में रजिस्ट्री नहीं हो सकती।
  • जमीन के पेपर:  जमीन के दस्तावेज के रूप में जमाबंदी, खतौनी, नकल और नक्शा प्रस्तुत कर सकते हैं।
  • जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी:- पावर ऑफ अटॉर्नी एक ऐसा लेटर होता है जो जमीन मालिक के नहीं होने पर भी जिस नाम से पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई गई है। वह उस जमीन को बेचने हेतु अधिकृत होता है। यह दस्तावेज उसी स्थिति में प्रयोग करें जिस स्थिति में जमीन का मालिक उपलब्ध नहीं है।
  • प्रॉपर्टी टैक्स दस्तावेज: प्रॉपर्टी से टैक्स लगान इत्यादि से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करें।
  • बैंक विवरण:- प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान क्रेता को चेक देना होगा। इस चेक का विवरण स्थान पर लिखे गए एग्रीमेंट में दर्ज होगा। इसलिए चेक जरूर रखें।

स्टांप ड्यूटी पेपर तैयार करवाएं

जैसे ही आप के उक्त में बताया गए पेपर तैयार हो जाते हैं। तो आप सीधे रजिस्ट्री विभाग में वकील/ रजिस्ट्रार से मिल सकते हैं और आगे की कार्रवाई हेतु स्टांप ड्यूटी पेपर तैयार करवाएं।

सभी दस्तावेज रजिस्ट्रार कार्यालय में पेश करें।

स्टांप ड्यूटी पेपर तैयार हो जाने के बाद उक्त में बताए गए सभी पेपर रजिस्ट्रार के सम्मुख प्रस्तुत करें। यहां से आपको एक टोकन नंबर दिया जाएगा। आपका नंबर आने के बाद रजिस्ट्रार द्वारा क्रेता और विक्रेता दोनों से जमीन संबंधी लेनदेन को लेकर कुछ सवाल पूछे जा सकते हैं।

जैसे:- आप जमीन बेच रहे हैं आप जमीन खरीद रहे हैं। दोनों की सहमति आवश्यक हैं। पैसे को लेकर हुई बात सही है पैसा मिला या नहीं मिला इस संबंध में कुछ प्रश्न पूछे जाएंगे। रजिस्ट्रार द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब संतोषप्रद होने पर आगे की कार्रवाई पूर्ण की जाएगी।

रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज के लिए आवेदन करें।

जैसे ही आप की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण होती है। आपको रजिस्ट्री पेपर दे दी जाते हैं।  स्टांप और अन्य दस्तावेज अपने पास रखें। यही प्रॉपर्टी के मुख्य दस्तावेज होंगे जो आपको प्रॉपर्टी का मालिकाना हक प्रदान करेंगे। प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिलने के बाद दाखिल खारिज के लिए आवेदन करें। दाखिल खारिज हो जाने के बाद आप पूर्ण रुप से जमीन के कानूनी तौर पर मालिक  होंगे।

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States NameRegistry Rules
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FAQ’s जमीन की रजिस्ट्री के नियम 2023

Q. जमीन की रजिस्ट्री कैसे करवाएं?

Ans. जमीन की रजिस्ट्री कराने की संपूर्ण प्रक्रिया लेख में दी गई है। क्रेता और विक्रेता दोनों को जमीन संबंधित दस्तावेज पहचान पत्र स्टांप ड्यूटी पेपर तैयार करवाने होते हैं। यह सभी रजिस्ट्रार ऑफिस में जमा करवाएं रजिस्ट्रार द्वारा जमीन की रजिस्ट्री पर फाइनल मोर लगाई जाती है। यही पेपर आप की रजिस्ट्री के रूप में आपको दे दिए जाते हैं।

Q.  जमीन की रजिस्ट्री के नियम क्या है?

Ans. आमतौर पर जमीन की रजिस्ट्री के नियम पंजीयन विभाग द्वारा सामान रखे जाते हैं। परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में नियमों में बदलाव किया जा सकता है। जमीन की रजिस्ट्री संबंधी नियम इस प्रकार हैं:-

  • 1. जमीन की रजिस्ट्री के लिए प्रमाणित नक्शा होना आवश्यक है। बिना प्रमाणित नक्शे के रजिस्ट्री नहीं होगी।
  • 2. जमीन बेचने वाले व्यक्ति की रजिस्ट्री के दौरान हाथों की सभी अंगुलियों के निशान लगाने होते हैं।
  • 3. जो व्यक्ति अपनी प्रॉपर्टी प्लॉट खेत या कृषि भूमि बेच रहा है। उस व्यक्ति के जमा होने वाले दस्तावेज में पूरा नाम, पिता का नाम, उम्र पता सही से मेंशन होना चाहिए। 
  • 4. यदि पावर ऑफ़ अटॉर्नी दस्तावेज उक्त व्यक्ति के पास हैं तो इस दस्तावेज के साथ आवासीय प्रमाण पत्र को साथ में लगाना भी अनिवार्य है।
  • 5. जमीन खरीदने के नियम राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जा सकते हैं। राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को क्रय विक्रय दोनों पार्टियों को मानना अनिवार्य है।

Q.  खेत जमीन की रजिस्ट्री कैसे होती है?

Ans. कृषि भूमि की रजिस्ट्री बहुत आसान है। पहले जमीन खरीदने से पहले यह जमीन बेचने से पहले सभी दस्तावेज की पुष्टि करें। रजिस्टार ऑफिस से संपर्क करें। आवश्यक दस्तावेज की जानकारी प्राप्त करें और उन दस्तावेज को प्रस्तुत करें। स्टांप ड्यूटी दस्तावेज तैयार करवाएं रजिस्ट्रार ऑफिस में दस्तावेज प्रस्तुत करें। कुछ सवाल जवाब के बाद आपको रजिस्ट्री कर दी जाती है।

Q. जमीन की रजिस्ट्री में कौन कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?

Ans. जमीन की रजिस्ट्री के लिए निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:-

पहचान प्रमाण पत्र | Identity Certificate
जमीन खाता प्रमाण पत्र | Land Account Certificate
नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) | By Bank
जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी | General Power of Attorney
जमीन के पेपर (एलॉटमेंट लेटर) | Land Papers (Allotment Letter / Agreement)
प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी लेटेस्ट रसीदें
बैनामा | debenture
बैंक चेक या फिर पैसे के लेनदेन का विवरण | Bank Cheque

Q. रजिस्ट्री कराने में कितना पैसा लगता है?

Ans. खेत जमीन भूखंड प्लॉट ग्रामीण क्षेत्रीय स्तर पर जमीन की रजिस्ट्री की दर तैयार की जाती है। यह सब इधर सरकार द्वारा स्टांप शुल्क के आधार पर निर्धारित होती है। अलग-अलग राज्यों में स्थान ड्यूटी शुल्क निर्धारित किए गए हैं। इन सबके लिस्ट bhulekhapnakhata.in पोर्टल पर विजिट करें और विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करें।

Q. जमीन की रजिस्ट्री कराने में कितना समय लगता है?

Ans. खेत जमीन की रजिस्ट्री कराने में लगभग 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। पहले आप दस्तावेज तैयार करें। उसके बाद आपको दो से 3 दिन में रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण कर दी जाएगी।

Q. मकान/ प्लॉट की रजिस्ट्री कैसे होती है?

Ans. मकान /प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए क्रेता विक्रेता के दस्तावेज पावर ऑफ अटॉर्नी एनओसी आदि दस्तावेज तैयार करने होंगे। रजिस्टार ऑफिस में दस्तावेज प्रस्तुत करें और स्टांप ड्यूटी शुल्क के आधार पर स्टांप पेपर तैयार करवाएं। रजिस्ट्रार द्वारा आपको रजिस्ट्री के दौरान कुछ सवाल पूछे जा सकते हैं। उसके बाद मकान की रजिस्ट्री पूर्ण रूप से आपको दे दी जाएगी। 

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